इलाज के दौरान हुई प्रवासी मजदुर की मौत


प्रमुख खबर/साकेत जांगड़े

हसौद शासकीय महाविद्यालय क्वारंटाईन सेंटर में प्रवेश करने से पहले कल अचानक एक मजदूर का पेट फट गया था जिसे तुरंत 108 की मदत से पहले बम्हनीडीह स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया था जहाँ ईलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई।

घटना बिते हुए कल दिनाँक-29/05/20 शुबह लगभग 10:00 बजे से 11:00 की है जैजैपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत हसौद की है जहाँ इन दिनों शासन के नियम अनुसार बाहर से आने वाले लोगो को 14 दिनों तक क्वारंटाईन सेंटर में रखा जा रहा है और उनकी लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है ताकि कोरोना महामारी के असर को खत्म किया जा सकें जिसके तहत शासन-प्रशासन द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ट्रेनों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को अपने गृह ग्राम वापस लाया जा रहा है जिसमें से मृतक रंजीत कुमार खूँटे और उसकी पत्नी लक्ष्मीन खूँटे भी पंजाब से वापस आ रहा थे जो चांपा रेलवे स्टेशन में रुके जिसके बाद उनका जांच परीक्षण कर बस के माध्यम से हसौद लाया गया जहाँ उसे क्वारंटाईन किये जाने के पश्चात क्वारंटाईन कक्ष में भेजा जाना था लेकिन कमरे के अंदर प्रवेश करने के पहले ही मृतक का यूरिन करते वक्त उसका पेट फट गया जिसमें से पानी बहने लगा।
युवक की गंभीर स्वास्थ्य को देखते हुए वहाँ पर मौजूद ग्राम पंचायत के सदस्यों ने तत्काल डॉक्टर को बुलाया जिसके बाद उसे 108 बुलाकर पहले उसे बम्हनीडीह स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहाँ गंभीर हालत को देखते हुये उसे जांजगीर जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया जहाँ उसकी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।।
मृतक की पत्नी लक्ष्मीन का कहना है कि मृतक रंजीत खूँटे कई वर्षों से अत्यधिक शराब पिया करता था जिससे कि उसका लिवर और किडनी पूरी तरह से खराब हो गया था जिसे पंजाब में ही किसी डॉक्टर को दिखाया गया था जहाँ डॉक्टर ने उसे जलोदर (ASCITES) नामक बीमारी से पीड़ित है जिसके इलाज में 2 लाख रुपये का खर्च बताया था जिसे हमलोग गरीब मजदूर है इतना पैसा कहाँ से लाएंगे कहकर दवाई लिखवाई थी और मृतक की पत्नी ने यह भी बताया कि मृतक रंजीत के पेट करीब तीन महीनों से गुब्बारे जैसे फूल रहा था।

अस्पताल वालों ने पोस्टमार्टम कर शव को उसकी पत्नी लक्ष्मीन खूँटे के साथ उसके गृह ग्राम तुसार भेजवा दिया गया जहाँ शव को अग्निसंस्कार के लिए घर ना ले जा कर सीधे श्मशानघाट ले जाया गया जहाँ परिवार के ही लोगो द्वारा उसका अंतिम संस्कार किया गया।
जिसके बाद उसकी पत्नी लक्ष्मीन को होम क्वारंटाईन में रखा गया है।

मृतक की पत्नि ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर चाम्पा रेलवे स्टेशन में ही उसके गंभीर हालत को देखते हुए उसे वहां के अधिकारीयों द्वारा तत्काल चिकित्सीय सुविधा दी गई होती शायद मेरे पति आज ज़िंदा होते।।।

 लक्ष्मीन खूंटे
मृतक की पत्नी

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