अंततः विवादों से शुरू हुआ वार्ड नंबर 1 का सामुदायिक भवन निर्माण माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशा अनुसार विवादों के कारण रोका गया।
जांजगीर चांपा नगर पालिका सकती के वार्ड नंबर 1 स्थित ग्राम नंदेली की आबादी भूमि पर नगर पालिका द्वारा कराया जा रहा सामुदायिक भवन निर्माण लागत करीब छप्पन लाख रुपए का नाता विवादों से शुरू होकर विवादों पर ही अंत होने की कगार पर खड़ा हो गया है। नगर पालिका द्वारा सामुदायिक भवन निर्माण किया जा रहा था जिसके लिए ग्राम पंचायत नंदेली स्थित भूमि खसरा नंबर 138 139 को चुना गया था जिस पर ग्राम पंचायत को प्रारंभ से ही लगातार आपत्ति रही है इसके उपरांत भी वर्तमान परिषद के द्वारा उक्त स्थल पर सामुदायिक भवन निर्माण भूमि का आवंटन कराए बगैर ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था भूमि से लगी हुई वार्ड नंबर 12 के पूर्व पार्षद अशोक कुमार देवांगन की डेढ़ एकड़ भूमि है जिस पर नगर पालिका प्रशासन ने बिना कोई सीमांकन कराएं अभियंता से ले आउट लिए बगैर ही श्री जी ग्रुप ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग कार्य प्रारंभ कर दिया गया था उक्त निर्माण में सामुदायिक भवन के उत्तर दिशा में सिंचाई विभाग की नहर विद्यमान है सामने में राष्ट्रीय राजमार्ग विद्यमान है इसी प्रकार निर्माण के पीछे भाग में पूर्व पार्षद की निजी भूमि विद्यमान है जिस पर नगर पालिका ने किसी भी विभाग से लिखित मे अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए बगैर ठेकेदार द्वारा अपनी सत्ता पक्ष का लाभ उठाते हुए मनमाने ढंग से कार्य प्रारंभ कर दिया गया था जिसकी शिकायत लगातार नगर पालिका प्रशासन को मिल रही थी लेकिन सीएमओ सकती जफर खान के द्वारा पूर्व पार्षद के आवेदनों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था जिससे नाराज होकर पूर्व पार्षद ने शिकायतों का पिटारा खोल दिया था जिस पर सत्ता पक्ष के दबाव में नगर पालिका प्रशासन या स्थानीय प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिस से दुखी होकर पूर्व पार्षद अशोक कुमार देवांगन माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर की शरण में चला गया जहां से उसे न्याय प्राप्त हुआ माननीय उच्च न्यायालय ने पूर्व पार्षद अशोक कुमार देवांगन द्वारा प्रस्तुत सभी शिकायतों के निराकरण के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सकती को अधिकृत किया है कि वह अशोक कुमार देवांगन की समस्त शिकायतों का 15 दिवस के अंदर निराकरण कर विधिवत निर्णय पारित करेंगे और साथ ही साथ अशोक कुमार देवांगन की भूमि में निर्मित सामुदायिक भवन का हिस्सा का भी निर्धारण कराना है। जब हमारे संवाददाता ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सकती डॉक्टर सुभाष सिंह राज से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 1 में नगर पालिका सकती द्वारा जो सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा था आवेदक अशोक कुमार देवांगन है जिनकी भूमि उस जगह से लगी हुई है उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपना प्रकरण प्रस्तुत किया था माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर से यह निर्देश प्राप्त हुआ है कि अगले 15 दिनों के भीतर उसका सीमांकन कराकर नियमानुसार कार्यवाही करें तब तक के लिए सीएमओ नगरपालिका सकती को27/06/2020 को लिखित मे यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं किंतु श्रीजी ग्रुप के ठेकेदार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश की अवहेलना करते हुए दिनांक 28/06/ 2020 को भी डंके की चोट पर निर्माण कार्य किया जा रहा है
यह बताना लाजमी होगा कि भू राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार कृषि प्रारंभ होने से दिसंबर तक सीमांकन किया जाना असंभव है इस कारण से यह सामुदायिक भवन निर्माण का कार्य एक लंबे समय के लिए विवादों में पड़ता जा रहा है अशोक कुमार देवांगन की ओर से माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में अधिवक्ता श्री धीरज कुमार वानखेड़े ने पैरवी की है। अंततः विवादों से शुरू हुआ सामुदायिक भवन विवादों में पड़ता जा रहा है। स्थल का सही चयन नहीं होने से अब यह मामला अनेक न्यायालयों में गुजरने वाला है।




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