छत्तीसगढ़ उपसंपादक -- जितेन्द्र तिवारी
*बिर्रा-जितेन्द्र तिवारी*
*पेड़े व खोवा के नाम से महसूर ननकीदाऊ मिष्ठान भंडार के पूरे हुऐ 55 वर्ष।*
जांजगीर चाम्पा जिले में जैजैपुर जनपद पंचायत अंतर्गत उपतहसील हसौद बाजार चौक में लगातार 55 वर्ष से संचालित ननकीदाऊ साहू के नाम से पूरे देशभर में प्रख्यात पेड़े की मिठाई एक राज्य से लेकर अन्य राज्यों तक मशहूर है जिसकी स्वाद का जायका छत्तीसगढ़ से लेकर मध्यप्रदेश दिल्ली,मुंबई,हरियाणा,गुजरात,ओडिशा जैसे संपन्न प्रांतों में लोगों की मिठाई का प्रमुख व्यंजन है।
स्वादिष्ट पेड़ा बनाने की शुरुआत 55 वर्ष पहले ननकीदाऊ साहू के पिताजी स्वर्गीय कार्तिकराम साहू ने की थी जिन्हें गाय-भैंस पालने का बड़ा ही शौक था,मिठाई बनाने की सलाह उनकी पत्नी ने दिया था जिसके बाद उन्होंने एक छोटे से झोपड़पट्टी से पेड़ा बनाने का शुरुआत किया जिसे आज के समय में ननकीदाऊ की पत्नी श्रीमती उत्तराबाई ने बच्चों का पालन-पोषण करने के साथ-साथ दुकान को भी भरपूर समय दिया जिसे अब उनके दोनों बेटे क्रमशः बालकराम साहू और अशोक साहू संचालित कर रहें है।
👉🏻1)नेताओं और अधिकारियों की है पहली पसंद--
-छत्तीसगढ़ के विभिन्न पदों पर सेवारत जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकरियों का मिठाई के रूप में है पहली पसंद है जो हर विधायक,सांसद,मंत्रियों सहित शासन-प्रशासन तक के हर चेंबर में पहुंचता है इनके बनाये पेड़ों का स्वाद।
👉🏻2)-रोजाना 8 क्विंटल दूध का बनता है शुगर रहित व शुगर फ्री पेड़ा
दुकान संचालक उत्तराबाई साहू का कहना है कि प्रतिदिन 7-8 क्विंटल दूध का लगभग 2 क्विंटल पेड़ा बनता है जो प्रतिदिन ऑर्डर के अनुसार बिक जाता है,शुगर फ्री पेड़े के लिए पहले से ऑर्डर दिया जाता है जिसके बाद उनके लिए स्पेशल पेड़ा तैयार किया जाता है।
👉🏻3)-थोक एवं चिल्हर के हैं विक्रेता-
बाजार चौक हसौद में स्थित ननकीदाऊ पेड़ा मिष्ठान भंडार की खाशियत यह है कि उनके पास में एक छोटे बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग तक 10 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक कि करते है पेड़े की खरीदारी।
👉🏻4)-30 मजदूर का होता है भरण-पोषण--
ननकीदाऊ पेड़ा मिष्ठान भंडार में 30 मजदूर प्रतिदिन काम करने आतें है जिसकी एक दिन मजदूरी 250 से 300 तक है जिनका मानना है कि इन रुपयों से हमारी आजीविका बड़े ही आसानी से चल जाती है।
*👉🏻श्रीमद्भागवत के प्रसिद्ध कथावाचिक प्राची देवी जी व सुश्री पूजा किशोरी जी पहुंचे थे पेड़े की दुकान-महामाया की नगरी हसौद स्थित प्रसिद्ध ननकीदाऊ साहू पेड़े की दुकान पर पूर्व में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था जिसमें प्रसिद्ध कथावाचिका प्राचीदेवी जी और सुश्री पूजा किशोरी जी दुकान पहुंचे थे और पेड़े का लुत्फ उठाकर पेड़े की प्रशंसा करने नहीं चुके।


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