सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण की_समीक्षा_होनी_ही_चाहिए बात पर युवा कांग्रेस नेता संजय अजगल्ले ने किया पलटवार?
जांजगीर- कांग्रेस युवा नेता जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस संजय अजगल्ले ने सवाल उठाते हुए कहा की मेरे ग्यारह बिंदु पर भी समीक्षा करने की जरूरत है।
जिन समीक्षा की जरूरत है वे निम्न हैं-
1️⃣ लेकिन इस बात की भी समीक्षा होनी चाहिए कि आखिर क्यों 70 साल में अनुसूचित जाति के श्री के. रामास्वामी, श्री के. जी. बालकृष्णन, श्री बी. सी. रे, श्री ए वर्धराजन, सिर्फ चार ही लोग सुप्रीम कोर्ट में जज बन पाए हैं! और ओबीसी के जज भी केवल 2 ही हुये, इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए।
2️⃣ 70 साल में अनुसूचित जनजाति का एक भी व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट में जज नहीं बना है इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए!!
3️⃣ सुप्रीम कोर्ट में आखिर एक ही जाति का वर्चस्व क्यों है इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए!!
4️⃣ संविधान के आर्टिकल 12 के अनुसार सुप्रीम कोर्ट को राज्य माना जाए जाना चाहिए। आरक्षण का प्रावधान सुप्रीम कोर्ट में राज्य की भांति होना चाहिए इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए!!
5️⃣ सुप्रीम कोर्ट में जब sc-st #एट्रोसिटी_एक्ट पर फैसला दिया जा रहा था उस वक्त सुप्रीम कोर्ट में एससी एसटी का एक भी जज नहीं था क्या यह न्याय के मूल सिद्धांतों के अनुरूप था? इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए!!
6️⃣ संविधान के #आर्टिकल 312 (1) के अनुसार जजों की भर्ती के लिए #न्यायिक_नियुक्ति_आयोग का गठन होना चाहिए ऐसा क्यों नहीं किया जाता है ? इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए!!
7️⃣ संविधान संशोधन अधिनियम 1976, के 42 वें संशोधन के अनुसार जजों की भर्ती के लिए ऑल इंडिया जुडिशरी सर्विस का गठन किया जाना चाहिए. यह बिल संसद में कभी पेश किया ही नहीं गया. इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए !!
8️⃣ संविधान के आर्टिकल 229 के अनुसार कर्मचारियों एवं अधिकारियों के मामले में उच्च न्यायालय अपने आप को राज्य मानता है और राज्य के अनुसार आर्टिकल 15( 4) 16(4) और 16(4 )(क) का पालन क्यों नहीं किया जाता है. इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए !!
9️⃣ जब केशवानंद भारती मामले में भी #आर्टिकल 12 के अनुसार उच्च एवं उच्चतम न्यायालय को राज्य माना गया है तो राज्यों के लिए लागू आरक्षण का प्रोविजन उच्च एवं उच्चतम न्यायालय में लागू क्यों नहीं किया गया. इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए!!
1️⃣0️⃣ जब ओबीसी, एससी-एसटी आईएएस बन सकता है, आईपीएस बन सकता है, राष्ट्रपति बन सकता है, मुख्यमंत्री बन सकता है तो सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के लिए कौन सी अनोखी प्रतिभा होनी चाहिए। इस बात की भी समीक्षा होनी चाहिए।
1️⃣1️⃣ यदि सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के लिए मेरिट ही आवश्यक है तो #ऑल_इंडिया_जुडिशरी_सर्विस का गठन करके खुली प्रतियोगिता में भाग क्यों नहीं लेते ? इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए।
संजय अजगल्ले ने ग्यारह बिंदु पर अपने मजबूती से पक्ष रखा
और इन विषयो पर दलित, आदिवासी पिछड़ा वर्ग को एक सूत्र में बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर जी के शिक्षित रहो, संगठित रहो और संघर्ष करो के तर्ज पर अपना अधिकार के तहत लड़ाई लडना होगा।
ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम में शामिल हो सके और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को सबक सिखा सकें।

1 Comments
धन्यवाद् आपका
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