जिला प्रमुख :--भगत शर्मा
झोलाछाप डॉक्टरों के बाद अब अवैध झोलाछाप स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल को पनाह दे रहे खंड चिकित्सा अधिकारी सक्ति व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांजगीर।
झोलाछाप डॉक्टरों के कारनामे एवं उनके समाचार तो आप लोगों ने खूब पढ़े और सुने होंगे लेकिन झोलाछाप हॉस्पिटल का समाचार आपने कभी नहीं सुना होगा ऐसा ही मामला जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत शक्ति तहसील से प्रकाश में आया है। उक्त अवैध झोलाछाप स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल को संचालित करवाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांजगीर चांपा एस आर बंजारे एवं खंड चिकित्सा अधिकारी सक्ती अनिल चौधरी बीएमओ के सह पर यहां झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार तो क्या, झोलाछाप स्पर्श मल्टीस्पेशलिटि हॉस्पिटल भी खुल जाना तय है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शक्ति से महज 200 मीटर दूरी के अंदर करोड़ों रुपए की लागत से सक्ती बाराद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग में 2 बीएएमएस (आयुष) के वैद्य ने स्पर्श मल्टीस्पेशलिटि हॉस्पिटल 30 जनवरी 2020 से खोल कर बैठे है। जिसमें उन्होंने किराए के मकान में करोड़ों की लागत से एक्स रे मशीन ,ओपीडी, पैथोलॉजी जांच,आईसीयू, फार्मासिस्ट की दवा दुकान सहित तमाम एलोपैथिक सुविधाएं निर्मित कर दी है सिजेरियन प्रसूति सुविधा भी दी जा रही है।दोनों वैध शिवानंद साहू और रूपनारायण साहू एमबीबीएस के डॉक्टर नहीं है । लेकिन इनके द्वारा एलोपैथिक चिकित्सा एवं इलाज किया जाता है। इन्होंने इतने बड़े स्केल पर आयुर्वेदिक डॉक्टर होकर एलोपैथिक इलाज हेतु हॉस्पिटल खोला है कि सामान्य आदमी समझ ही नहीं सकता है कि कभी ऐसा भी हो सकता है।
अति तो तब हो गई जब पता चला कि इन्होंने इतने बड़े हॉस्पिटल खोलने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से कोई अनुमति भी प्राप्त नहीं की है आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हॉस्पिटल 30 जनवरी 2020 से शक्ति क्षेत्र में संचालित है।जिसे नर्सिंग होम एक्ट के तहत् अभी लाइसेंस भी नहीं मिला है,लाइसेंस के लिए कुछ दिनों पूर्व ही आवेदन किया गया है। जिसके लाइसेंस के लिए इन्होंने एक एमबीबीएस डॉक्टर श्याम सुंदर सबरवाल को पचास हजार रूपए प्रतिमाह के लिखित इकरार नामा के आधार पर की है कि वे हर रोज स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में उपलब्ध रहेंगे। इसके एवज में उक्त डॉक्टर साहब को ₹50000 प्रतिमाह मिलेगा लेकिन उक्त डॉक्टर श्याम सुंदर सबरवाल मंगलवार को कोरबा बंद रहने की वजह से केवल एक दिन मंगलवार को ही स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में उपस्थित रहते हैं। डाक्टर सबरवाल साहब सकती आए ना आए दोनों बीएएमएस (आयुष) वैध उपस्थित है एलोपैथिक इलाज करने के लिए।जो अपने नाम की नेम प्लेट लगाकर डॉक्टर सबरवाल के नाम पर प्रिसक्रिप्शन लिखते हैं और उनके फर्जी हस्ताक्षर भी करते हैं। इसी प्रकार पैथोलॉजिस्ट सेवा के लिए प्रतिदिन 1 घंटे का डॉ मृत्युंजय शराफ से एग्रीमेंट पेपर तैयार किया है लेकिन वह भी नहीं आते हैं समझने वाली बात यह है कि बिना पैथोलॉजिस्ट के इनके द्वारा पैथोलॉजी कैसे संचालन किया जा रहा है जब अनिल चौधरी जैसे बीएमओ का सर पर हाथ हो और सुस्त प्रशासन हो तो सब संभव है। इन्हीं दोनों डॉक्टरों के द्वारा एक्स-रे,पैथोलॉजिस्ट,दवा प्रिसक्रिप्शन इत्यादि तमाम एलोपैथिक इलाज किया जा रहा हैं।जिसका इन्हें पूर्ण रूप से ज्ञान भी नहीं है साथ ही साथ सिजेरियन प्रसूति सुविधा भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया जाता है।
इस हॉस्पिटल का हाल यह है कि पैसा कमाने के लालच में सर दर्द के मरीज को भी ईसीजी व अन्य जांच करवाने को लिख दिया जाता है। डॉ रूप नारायण साहू जो अपने आप को एमबीबीएस डॉक्टर बता कर 30 जनवरी 2020 से ही लोगों का इलाज कर रहे हैं उनका तो बीएएमएस का अस्थाई लाइसेंस ही 9 जून 2020 को जारी हुआ है फिर भी इस डॉक्टर के द्वारा इससे पूर्व बिना किसी डिग्री के इंजेक्शन व इनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की एलोपैथिक दवाइयां लिखकर जनवरी 2020 से ही आम जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है कोई बड़ी घटना होने पर ही कार्यवाही संभव प्रतीत हो रही है छोटी मोटी शिकायतों पर डॉक्टर साहब माफी मांग कर काम चला रहे हैं लेकिन कोई बड़ी घटना होना निश्चित है।
स्पर्श मल्टीस्पेशलिटि हॉस्पिटल की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पास की गई थी कार्यवाही ना होने पर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा हॉस्पिटल पर कार्यवाही करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांजगीर को निर्देशित किया गया है लेकिन उनके द्वारा स्वास्थय मंत्री के आदेश कि अवहेलना करते हुए हॉस्पिटल को अवैध रूप से संचालित करवाया जा रहा है और सील नहीं किया जा रहा है। इससे तो स्पष्ट रूप से जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की भी बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।
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