डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्र के प्रति योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा : नागेश्वर गायकवाड़...
रायपुर, छत्तीसगढ़। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, महान शिक्षाविद् एवं भारत की एकता और अखंडता के प्रबल समर्थक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के पावन अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा, छत्तीसगढ़ के प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री नागेश्वर गायकवाड़ ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और अखंड भारत के संकल्प को समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने विचारों, संघर्ष और बलिदान से भारतीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की। उनका प्रसिद्ध उद्घोष "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।
श्री गायकवाड़ ने कहा कि आज का युवा यदि डॉ. मुखर्जी के आदर्शों, राष्ट्रभक्ति, त्याग और सेवा की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करे, तो भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
नागेश्वर गायकवाड़
प्रदेश कार्य समिति सदस्य
भारतीय जनता युवा मोर्चा, छत्तीसगढ़
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