पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर राइस किंग खूंटे ने जताया गहरा शोक
रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरव, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष राइस किंग खूंटे ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश की कला, संस्कृति और लोक परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
राइस किंग खूंटे ने अपने शोक संदेश में कहा कि तीजन बाई ने अपने अद्वितीय गायन, ओजस्वी प्रस्तुति और आजीवन साधना के माध्यम से पंडवानी जैसी समृद्ध लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व मंच तक पहुंचाया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत बन गईं।
उन्होंने कहा कि तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोककला के संरक्षण, संवर्धन और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनका निधन लोकसंस्कृति जगत में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
राइस किंग खूंटे ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, शुभचिंतकों एवं देशभर के कला प्रेमियों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
"तीजन बाई भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्वर साधना, उनकी कला और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्वभर में दिलाई गई पहचान सदैव अमर रहेगी।"
ॐ शांति।
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